भिवंडी मनपा शिक्षण मंडल में भ्रष्टाचार!

भिवंडी- भिवंडी मनपा शिक्षण मंडल पर आए दिन भ्रष्टाचार का आरोप लगता रहा है। इस वर्ष शिक्षण मंडल की ओर से बाहर भेजे जाने वाले पत्रों के लिए डाक वाहक पंजिका(आउटवर्ड रजिस्टर) में ४८ जावक क्रमांक खाली रखने का मामला प्रकाश में आया है। शिक्षण मंडल के भ्रष्टाचार का यह मामला ११ शिक्षकों की गैरकानूनी तरीके से की गई जिला बदली के दौरान मनपा आयुक्त के जांच कराए जाने के बाद सामने आया था। खाली जावक क्रमांक की जानकारी मनपा आयुक्त को होने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बता दें कि भिवंडी मनपा से संचालित प्राथमिक स्कूलों में उर्दू शिक्षकों की कमी होने के बावजूद शिक्षण मंडल के प्रशासनाधिकारी संदीप पाटील ने गैरकानूनी तरीके से उर्दू माध्यम के ११ शिक्षकों की उनकी मर्जी के तहत जिला बदली कर दी थी। के तहत जिला बदली कर दी थी। जबकि, प्राथमिक शिक्षण विभाग के उपसंचालक ने सिर्फ तीन जी.एस. प्रिंटर्स, गाला नं. १२५, ए-विंग, १ ला शिक्षकों की ही बदली करने की अनुमति दी थी।इनमें से नांदगांव भेजा एक शिक्षक वापस आ गया था, क्योंकि स्कूल ने लेने से इनकार कर दिया गया था। तत्कालीन महापौर जावेद दलवी ने उर्दू माध्यम के शिक्षकों की कमी होने के बावजूद शिक्षकों की बदली का विरोध करते हुए मनपा आयुक्त से जांच की मांग की थी। मनपा आयुक्त डॉ.प्रवीण आष्टीकर ने जब शिक्षण मंडल के रजिस्टर आदि की जांच करवाई गई, तो जावक रजिस्टर में ३ जनवरी २०१९ से ९ सितंबर २०१९ के बीच ४८ जावक क्रमांक खाली पाए गए।मनपा आयुक्त से नोटिस मिलने के बाद संदीप पाटील ने अचानक ट्रांसफर करा लिया थाइसके बाद से यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। लेकिन, कुछ दिनों बाद ही पाटील फिर मनपा शिक्षण मंडल में आ गए, फिर भी उनके विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भिवंडी की स्वाधीन संस्था के अध्यक्ष ऐड. मनोज श्रीवास्तव ने इस मामले की जांच की मांग की है। मनपा शिक्षण मंडल में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण शिक्षा जगत में इसकी छवि धूमिल हो रही है। जावक क्रमांक खाली रखना एक संगीन मामला है। इसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए